कैंसर का सरल इलाज है एलेक्ट्रो होम्योपैथी में

नालंदा : इलेक्ट्रो होम्योपैथी के फादर डॉ सीजर मैटी की जयंती धूमधाम से मनायी गयी है. शहर के देवीसराय एवं खंदक पर डॉ सीजर मैटी को याद करते हुए वक्ताओं ने बताया कि मैटी का जन्म इटली के वोलाग्ना शहर में एक जमींदार परिवार में हुआ था. गरीबों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने सभी चिकित्सा पद्धतियों का गहन–अध्ययन कर एलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का अविष्कार कर लोगों को सस्ता इलाज व दवा देने का रास्ता साफ किया.

बिहारशरीफ शहर के खंदकपुर स्थित पुष्पांजलि मैनेजमेंट कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ रूपम रवगी ने की, उन्होंने बताया कि एलेक्ट्रो होम्योपैथी इमरजेंसी चिकित्सा पद्धति है. डॉ अरुण कुमार मंचक ने कहा कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को दूर करने में डॉ मैटी साहब की दवाएं अचूक हैं. डॉ. एमएन जावेद ने कहा कि कई गंभीर बीमारियों के इलाज में एलेक्ट्रोपैथी बेहतर रिजल्ट देने में कारगर हुई है. आयोजक बिहार आयुष चिकित्सक संघ के संयोजक डॉ. मनोज कुमार ने एलेक्ट्रो होम्योपैथी को अपनाने की सलाह लोगों को दी.

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इस मौके पर डॉ. प्रेम रंजन, डॉ. चन्द्रमणि, डॉ. अयोध्या प्रसाद, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मधुकर, डॉ. अनिल कुमार, वैध देवकांत कश्यप एवं डॉ. राजीव रंजन ने भी अपने विचार रखे. देवी सराय स्थित नेचरो एलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्यो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में एलेक्ट्रो होम्योपैथी के महान विभूति डॉ सीजर के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए एलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह ने कहा डॉ मैटी की तपस्या एवं मेहनत से वर्ष 1865 में नयी एवं कारगर चिकित्सा एलेक्ट्रो होम्योपैथी का आविष्कार हुआ. डॉ. उपेन्द्र कुमार ने कहा कि शरीर के रस एवं रक्त के दूषित हो जाने से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं. इस अवसर पर डॉ अरविंद कुमार, डॉ अमर प्रसाद, धीरेन्द्र कुमार, मो अली एवं पिन्टु कुमार के अलावा कई उपस्थित थे.

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